अडानी निवेशकों को लगा बड़ा झटका ! इस शेयर ने किया निवेशकों को निराश


खाद्य तेल निर्माता अडानी विलमर लिमिटेड ने अपने दिसंबर तिमाही (Q3) नतीजों की घोषणा की है, जिसमें उन्होंने बताया है कि इस अवधि में मुनाफा में 18% की कमी हुई है। अडानी ग्रुप की इस कंपनी ने बुधवार को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट 200.89 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल के मुकाबले 18% कम है।


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इस समय के दौरान, कंपनी की कुल आय भी 12,887.60 करोड़ रुपये रही है, जिसमें 2022 के तीसरे तिमाही की आय की तुलना में 15.91% की कमी हुई है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में कंपनी की कुल आय 15,515.55 करोड़ रुपये थी।

अडानी विलमर फॉर्च्यून ब्रांड के तहत खाद्य तेल और विभिन्न खाद्य उत्पादों की विनिर्माण और बिक्री करने वाली कंपनी है। इसके तिमाही नतीजे बाजार में निर्मित स्वाद और सेवा की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए निवेशकों और बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण बारंबार प्रकट हो रहे हैं।

अडानी विल्मर के प्रबंध निदेशक का बयान: खाद्य तेल सेगमेंट में बढ़ती रफ्तार

अडानी विल्मर लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी, अंग्शु मलिक ने बताया कि कंपनी ने स्वच्छ और गुणवत्ता वाले उत्पादों के प्रचलन में बदलाव के कारण पैकेट वाले खाद्य पदार्थों के सेगमेंट में वृद्धि की रफ्तार देखी है। उन्होंने यह भी जाहिर किया कि वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को खाद्य और एफएमसीजी खंड से 5,000 करोड़ रुपये का राजस्व होने की उम्मीद है।

आलोच्य तिमाही में, खाद्य तेल खंड में मात्रा सालाना आधार पर स्थिर रही है, जबकि पिछले वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में इसमें आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही, कंपनी ने उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की पेशेवर डिमांड को देखते हुए खाद्य सेगमेंट में अच्छे परिणाम प्राप्त करने की उम्मीद जताई है।

यह वृद्धि दिखाती है कि अडानी विल्मर अपने उत्पादों की प्रस्तुति और उपभोक्ता प्राथमिकताओं में किए गए बदलावों के माध्यम से बाजार में मजबूत पकड़ बनाए रखने के लिए अग्रणी है।

अडानी विल्मर के शेयरों में मामूली गिरावट: बाजार में दिनभर की गतिविधियों का विश्लेषण

आज, अडानी विल्मर के शेयर बाजार में मामूली गिरावट के साथ 355.65 रुपये पर बंद हुए। इंड्रा है में, यह शेयर 1.4 प्रतिशत चढ़कर 362.95 रुपये पर पहुंचा था, लेकिन बाद में इसमें 1% तक की गिरावट भी आई और 354.20 रुपये के इंट्रा डे लो प्राइस तक पहुंच गया।

इस शेयर का 52 हफ्ते का हाई प्राइस 509.40 रुपये है और लो प्राइस 285.85 रुपये है। पिछले एक साल में, और इस साल YTD (यीर टू डेट) में यह शेयर क्रमशः 20% और 4% तक गिरा है। कंपनी की मार्केट कैप वर्तमान में 46,223.07 करोड़ रुपये है, जिसे बाजार की दृष्टि से मामूली गिरावट के बावजूद बहुत बड़ा माना जा सकता है।

आने वाले समय में शेयर की गतिविधियों को देखते हुए निवेशकों को बाजार की स्थिति के साथ बराबरी बनाए रखने के लिए सतर्क रहना चाहिए।

Disclaimer: A1Factor.Com पोस्ट के माध्यम से लोगों में फाइनेंशियल एजुकेशन प्रोवाइड कराता है। म्‍यूचुअल फंड और शेयर मार्केट निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। हम सब SEBI से पंजीकृत वित्तीय सलाहकार नहीं हैं। आप अपने पैसे को निवेश करने के लिए स्वतंत्र है। कृपया अपनी समझदारी और सूझ बूझ के साथ ही निवेश करें। निवेश करने से पहले पंजीकृत एक्सपर्ट्स की राय जरूर लें।



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