म्युचुअल फंड्स भूल जाओगे, यहां इन्वेस्ट करो अपना पैसा और पाओ एक साल में 100% रिर्टन


ETF : अपने भविष्य को सिक्योर करने के लिए आज हर व्यक्ति कहीं ना कहीं पैसा इनवेस्ट जरूर करता है। इनवेस्टमेंट के मामले में अधिकतर लोग केवल म्युचुअल फंड्स के बारे में जानते हैं और उसी में पैसा इन्वेस्ट करना सीखते हैं। लेकिन क्या आपको पता है इससे भी एक शानदार और सुरक्षित तरीका है जिसमें आप इन्वेस्ट करके म्युचुअल फंड्स से भी तगड़ा रिर्टन पा सकते हैं। यदि आपको नहीं पता है तो इसके बारे में हम यहां जानकारी दे रहे हैं।


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आजकल निवेशकों के लिए कई विकल्प हैं जिनमें से एक आप्शन एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) भी है। एक्सचेंज ट्रेडेड फंड एक सेट में शेयरों में निवेश करते हैं और इनमें आमतौर पर किसी विशेष इंडेक्स को ट्रैक किया जाता है। आइए, हम आपको ETF में निवेश करने के फायदों के बारे में थोड़ा विस्तार से बताएं।

ETF क्या है?

ETF (Exchange-Traded Fund) एक निवेश का प्रकार है जिसे स्टॉक एक्सचेंजों पर खरीदा और बेचा जाता है। इसका व्यापार शेयरों में होता है, जिसमें बांड, स्टॉक आदि खरीदे और बेचे जा सकते हैं। ETF एक म्यूचुअल फंड की तरह होता है, लेकिन इसके विपरीत, इसे ट्रेडिंग अवधि के दौरान किसी भी समय बेचा जा सकता है, जिससे निवेशकों को लाभ होता है।

ETF के टाइप

1. गोल्ड ETF:

  • गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) के माध्यम से निवेशक सोना खरीद/बेच सकते हैं और आर्बिटेज गेन कर सकते हैं।
  • भारत में गोल्ड ईटीएफ 2007 से चल रहे हैं और एनएसई और बीएसई में रेगुलेटेड हैं।
  • गोल्ड ईटीएफ स्टॉक एक्सचेंज पर एक ग्राम के यूनिट आकार में ट्रेड होते हैं।

2. इंडेक्स ETF:

  • इंडेक्स ETF में निफ्टी या सेंसेक्स जैसे इंडेक्स होते हैं और उनकी कीमत में उतार-चढ़ाव उस इंडेक्स के साथ मेल खाता है।
  • उदाहरण के लिए, एक बैंकिंग ETF एक बैंकिंग इंडेक्स के अनुसार काम करता है।

3. बॉन्ड ETF:

  • इसमें पैसे उन बॉन्ड्स में निवेश किए जाते हैं जो उसके अन्तर्निहित इंडेक्स के साथ जुड़े होते हैं.
  • यह विभिन्न मैच्योरिटी होराइजन पर आधारित हो सकता है, जैसे- शॉर्ट टर्म, लॉन्ग टर्म इत्यादि।

4. करेंसी ETF:

  • भारत में मुद्रा ईटीएफ या करेंसी ईटीएफ कमोडिटी ईटीएफ के समान होते हैं। कमोडिटी ईटीएफ के जरिए निवेशक किसी भौतिक वस्तु को खरीदे बिना उसके शेयरों में निवेश करके मुनाफा कमा सकते हैं।

5. सेक्टर ETF:

  • सेक्टर ईटीएफ एक ऐसा निवेश विकल्प है जो निवेशकों को बाजार में किसी विशेष क्षेत्र या सेक्टर से संबंधित स्टॉक खरीदने की अनुमति देता है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि निवेशक विभिन्न उद्योगों और सेक्टर्स के बजाय एक विशेष सेक्टर पर फोकस कर सकें, जैसे कि फार्मा फंड्स, टेक्नोलॉजी फंड्स इत्यादि।

ईटीएफ (ETF) में निवेश के फायदे:

नजर रखी जा सकती है कीमतों पर: शेयरों की तरह, ईटीएफ की खरीद-बिक्री से निवेशकों को कीमतों पर पूरी तरह से नजर रखने का अवसर होता है।

पारदर्शी निवेश: हर दिन की जानकारी के साथ, ईटीएफ से निवेशकों को बाजार की प्रवृत्तियों का पूरा दृष्टिकोण प्राप्त होता है, जिससे निवेश बेहतर प्रकार से पारदर्शी होता है।

आसान बिक्री: ईटीएफ को आसानी से बेचा जा सकता है, जिससे निवेशकों को लिक्विडिटी की सुविधा मिलती है और वे आसानी से निवेश को बदल सकते हैं।

सेक्टर-विशिष्ट निवेश: ईटीएफ में निवेश करके निवेशक अलग-अलग सेक्टर्स में बारीकी से निवेश कर सकते हैं, जो उनकी निवेश स्ट्रैटेजी को बेहतर बनाता है।

डिविडेंड पर आयकर मुक्त: ईटीएफ में निवेश करने पर डिविडेंड पर कोई आयकर नहीं लगता, जिससे निवेशकों को अधिक रिटर्न होता है।

फंड मैनेजर का सहारा: हर ईटीएफ के पीछे एक फंड मैनेजर होता है, जिससे निवेशकों को शेयरों की खरीदारी या बिक्री के लिए जिम्मेदारी नहीं लेनी पड़ती है।

कम खर्च: एक्सपेंस रेशियो के मामले में, ईटीएफ म्यूचुअल फंड की स्कीमों के मुकाबले कम खर्च के अनुपात में एक किफायती निवेश करते हैं। इससे निवेशकों को ज्यादा रिटर्न हो सकता है।

एक्सिट लोड की आवश्यकता नहीं: एक्सिट लोड की आवश्यकता नहीं होती, जिससे निवेशकों को पैसे निकालने में कोई समस्या नहीं होती।

शानदार रिटर्न देने वाले कुछ ETFs:

Mirae Asset Nyse Fang + ETF:

  • रिटर्न: 1 वर्ष में 81%
  • फंड साइज: 1800 करोड़ रुपए

CPSE ETF:

  • रिटर्न: 1 वर्ष में 77%
  • फंड साइज: 30000 करोड़ रुपए

Motiwal Oswal S&P BSE Enhanced Value ETF:

  • रिटर्न: 1 वर्ष में 60%
  • फंड साइज: 13 करोड़ रुपए

Bharat 22 ETF:

  • रिटर्न: 1 वर्ष में 58.48%
  • फंड साइज: 14000 करोड़ रुपए

Kotak Nifty Midcap 50 ETF:

  • रिटर्न: 1 वर्ष में 52%
  • फंड साइज: 26 करोड़ रुपए
Disclaimer: A1Factor.Com पोस्ट के माध्यम से लोगों में फाइनेंशियल एजुकेशन प्रोवाइड कराता है। म्‍यूचुअल फंड और शेयर मार्केट निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। हम सब SEBI से पंजीकृत वित्तीय सलाहकार नहीं हैं। आप अपने पैसे को निवेश करने के लिए स्वतंत्र है। कृपया अपनी समझदारी और सूझ बूझ के साथ ही निवेश करें। निवेश करने से पहले पंजीकृत एक्सपर्ट्स की राय जरूर लें।



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